Lord Buddha Story In Hindi 2021

About –Lord Buddha Story In Hindi  दुनिया में,अलग-अलग समय पर एक से बढ़कर एक महान व्यक्ति होते रहे हैं और उन्हीं महान लोगों में से एक थे गौतम बुद्।

उन्होंने खुद सभी तरह के सुखों को त्याग करके दूसरों को सही मार्ग दिखाया और अगर यह कहे कि अपने महान विचारों के दम पर उन्होंने दुनिया में कई सारे अच्छे परिवर्तन लाए।

तो यह भी कोई गलत नहीं होगा गौतम बुद्ध ने हमेशा ही सत्य और अहिंसा को अपने जीवन का मुख्य आधार माना और उन्होंने दूसरों को भी इसी रास्ते पर ही चलने के लिए प्रेरित किय।

वैसे यह तो गौतम बुद्ध एक राज परिवार में जन्मे थे और उनके जीवन में कभी भी किसी तरह की कमी नहीं थी, क्योंकि वह जो भी चाहते वह तुरंत ही उनको मिल जाता थ। लेकिन इसके बावजूद उन्होंने विज्ञान की खोज में इन सभी सामाजिक खून को त्याग दिया और फिर अपने महान विचारों को बांटते हुए उन्होंने भगवान का दर्जा प्राप्त किया।

तो चलिए दोस्तों इस आर्टिकल में हम जानते हैं महात्मा बुद्ध की पूरी कहानी । (lord buddha story in hindi  )

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About –Lord Buddha Story In Hindi 2021

दोस्तों इस कहानी की शुरुआत होती है करीब 563 ईसा पूर्व से कपिलवस्तु लुंबिनी नेपाल में गौतम बुद्ध का जन्म हुआ था। उनके बचपन का नाम सिद्धार्थ गौतम है और राजा शुद्धोधन और महारानी महामाया देवी के घर में पैदा हुए थ।

उस समय बच्चों का जन्म करीब होता था तब महिला अपने मायके जाती थी। जब उनकी माँ अपने मायके कपिलवस्तु आ ही रही थी तभी रास्ते में ही गौतम बुद्ध के जन्म का समय आ गया और इसीलिए एक पेड़ के नीचे गौतम बुद्ध का जन्म हुआ।

गौतम बुद्ध के जन्म के 7 दिन बाद उनकी माँ की मृत्यु हो गई थी। जन्म के बाद उनको बुद्धि राजा के पास लेकर जाया गया तब वहां पर सभी रीति-रिवाजों के साथ बच्चे का नाम सिद्धार्थ रखा गया और इनके नामकरण के दौरान कई नामी साधु-संत आए थ। जिनमें से ज्यादातर लोगों ने सिद्धार्थ के बारे में भविष्यवाणी की महान राजा बने या फिर एक महान साध।

मां की मृत्यु के बाद सिद्धार्थ का पालन पोषण प्रजापति गौतम ने किय।

सिद्धार्थ को बचपन से ही एक महान राजा बनाना चाहते थे और इसीलिए उन्होंने सिद्धार्थ को धार्मिक ज्ञान से बचपन में दूर रखा लेकिन सिद्धार्थ बचपन से ही काफी दयालु थे और वह किसी को भी दुख नहीं पहुंचाना चाहते थे। यहां तक कि वह खेलते समय जान बूझकर खुद ही हार जाया करते थे और दोस्तों जब उनके चचेरे भाई अपने बाढ़ से घायल किया था तब उसकी रक्षा भी की थी और शायद यह कहानी आप लोगों में से ज्यादातर लोगों ने जरूर ही सुनी होगी और यही सभी बातें ही तो थी जोकि सिद्धार्थ को बाकी लोगों से अलग बनाती थ।

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हालांकि जब सिद्धार्थ 16 साल के थे तब उनकी शादी राजकुमारी यशोधरा से कर दी गई और फिर इसी समय से ही वह लगातार कई सारे धार्मिक सवालों के जवाब ढूंढने लगी और फिर अपनी युवावस्था में जब वह बाहर निकलकर जनता के बीच अपनी यात्रा में उन्होंने बीमारी और सांसारिक दुखों की तरह ही बहुत सारी ऐसी बातें जानी इसके बारे में उन्हें पहले कभी भी पता नहीं था। और फिर अपने पिता के विरुद्ध उन्होंने एक रात घर छोड़ने का फैसला ले लिया और फिर बाहर आकर उन्होंने निश्चय किया दिव्य ज्ञान की प्राप्ति करेंग।

और यहीं से शुरू हो गई सिद्धार्थ गौतम गौतम बुद्ध की यात्रा , घर से पहले नदी के तट पर पहुंचे उन्होंने अपने बाल कटाएं और साधु के कपड़ों में आकर और फिर इसके बाद वह राजा गांव पहुंचे , जहां पर भिक्षा मांगने के दौरान उस वक्त मगध के राजा बिंबिसार के लोगों ने सिद्धार्थ को पहचान लिया और फिर राजा के दरबार में लाया गय।

तब बात अपने हालांकि गौतम बुद्ध इन सामाजिक लालच में कहां आने वाले थे उन्होंने विस्तार से सहायता ना लेने की बात कह दी और फिर वहां से निकलने के बाद गौतम बुध जाने-माने योग और मेडिटेशन की दो टीचर से शिक्षा प्राप्त और फिर काफी सालों तक कठोर तपस्या करने के बाद उन्होंने सही तरीके से ध्यान लगाना शुरू कर दिया और फिर बोधगया पहुंचकर एक पीपल के पेड़ के नीचे बैठ लगातार 49 दिनों तक जब उन्होंने ध्यान लगाया तब उन्हें ज्ञान की प्राप्ति हुई।

ऐसा अनुमान लगाया जाता है कि उस समय गौतम बुध की उम्र 35 साल थी और फिर इसके बाद से ही 80 साल की उम्र तक व प्रचार-प्रसार करने में लगे रहे और इस दौरान उन्होंने अपने बहुत सारे फॉलोअर्स भी बनाए जो कि उनके दिखाए गए मार्ग पर चलते रह।

दोस्तों आज का समय भी अगर देखा जाए तो गौतम बुध के फॉलोअर्स की संख्या करोड़ों में है जिसमें कोरिया चीन जापान भारत और नेपाल जैसे देशों के बहुत सारे लोग आपको देखने को मिल जाएंगे और दोस्तों आज गौतम बुद्ध के द्वारा दी गई शिक्षा लोगों को इंस्पायर करते हैं कि राजकुमार सिद्धार्थ भगवान बुद्ध की ( lord buddha story in hindi )  यह कहानी आपको जरूर ही पसंद आई हो आपका बहुमूल्य समय देने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद।

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