Swami Vivekananda Quotes in Hindi and English Jo Jeena Seekha De !

About Swami Vivekananda Quotes In Hindi क्या आपको मालूम है ! स्वामी विवेकानंद एक हिंदू भिक्षु थे और सबसे प्रसिद्ध भारतीय आध्यात्मिक नेताओं में से एक हैं। स्वामी जी एक उत्पादक विचारक, महान लेखक और एक भावुक देशभक्त थे । उन्होंने अपने शिक्षक अपने गुरु की स्वतंत्र सोच के दर्शन को लेकर आएं , रामकृष्ण परमहंस जैसा की आप सबको मालूम है । वह समुदाय के सुधार की दिशा में अथक परिश्रम करते थे , गरीब लोगों और जरूरतों की गुलामी में, अपने देश को समर्पित करता है।

वह हिंदू आध्यात्मवाद के पुनरुत्थान के लिए जिम्मेदार है और विश्व के स्तर पर एक सम्मानित धर्म के रूप में हिंदू धर्म की स्थापना करता है। सार्वभौमिक भाईचारे और आत्म-जागृति का संदेश प्रासंगिक बना हुआ है, खासकर दुनिया भर में व्यापक राजनीतिक अराजकता फैलाने की पृष्ठभूमि में। युवा भिक्षु और उनकी शिक्षाएं कई लोगों के लिए प्रेरणा बन गई हैं, और उनके शब्द आत्म-सुधार का उद्देश्य बन गए हैं, खासकर देश के युवाओं के लिए। इस कारण से, उनका जन्मदिन, 12 जनवरी, भारत में एक राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया जाता था।

एक समय आता हैं जब मनुष्य अनुभव करता हैं कि
थोडी सी मनुष्य की सेवा करना लाखों जप ध्यान से अधिक है|

 

स्वामी विवेकानंद ने कहा है जब तक जीना है तब तक सीखना पड़ेगा
क्यूंकि अनुभव ही जगत में सर्वश्रेष्ठ शिक्षक है।

 

उठो, जागो और तब तक नहीं रूको,
जब तक लक्ष्य ना प्राप्त हो जाये।

 

हम जो बोते हैं वह काटते हैं
हम स्वयं अपने भाग्य के निर्माता हैं।

 

एक अच्छे चरित्र का निर्माण
हजारों ठोकरें खाने के बाद ही होता हैं|

 

जीवन में संघर्ष जितना बड़ा होगा
जीत भी उतनी ही शानदार होगी।

 

खुद को कमजोर समझना
सबसे बड़ा पाप हैं।

 

जो दूसरो से घृणा (Hatred) करते हैं,
वो खुद को दूषित करते है।

 

पवित्रता,दृढता और धैर्य ये तीनो
सफलता के लिए आवश्यक है और सबसे ऊपर प्यार है|

 

दुनिया में वही जीते है
जो दुसरो के लिए जीते है।

 

एक शब्द में,
यह आदर्श है कि तुम परमात्मा हो

 

जब लोग तुम्हें गाली दे तो तुम उन्हें आशीर्वाद तो सोचो
तुम्हारे झूंठे दंभ को बाहर निकाल कर वह तुम्हारी कितनी मदद कर रहे हैं।

 

कोई लक्ष्य मनुष्य के साहस से बडा नही होता,
हारा वही जो लडा नहीं||

 

उठो, जागो और तब तक नहीं रुको
जब तक लक्ष्य ना प्राप्त हो जाये।

 

ब्रह्माण्ड की सारी शक्तियां पहले से हमारी हैं। वो हम ही हैं,
जो अपनी आँखों पर हाथ रख लेते हैं और फिर रोते हैं कि कितना अन्धकार है।

 

तुम फुटबॉल के जरिए स्वर्ग के
ज्यादा निकट होगे बजाय गीता का अध्ययन करने के लिए।

 

भय ही पतन और
पाप का मुख्य कारण है||

 

किसी भी चीज को करने के लिये एकाग्रता जरुरी है और एकाग्रता के लिए ध्यान जरूरी है
ध्यान से ही इन्द्रियों पर संयम रखकर एकाग्रता प्राप्त कर सकते है।

 

कभी ना मत कहो, कभी न कहो की  ‘मैं नहीं कर सकता’,
क्योंकि आप अनंत हैं। सभी शक्ति आप के भीतर है। आप कुछ भी कर सकते हैं।

 

कुछ मत पूछो बदले में कुछ मत मांगो ,जो देना है वह दो,
तुम तक वापस आएगा, पर उसके बारे में अभी मत सोचो।

 

स्वामी विवेकानंद ने कहा है पवित्रता, धैर्य और उद्यम-
ये तीनों गुण मैं हर व्यक्ति में चाहता हूं।

 

तुम्हें कोई पढ़ा नहीं सकता, कोई आध्यात्मिक नहीं बना सकता।
तुमको सब कुछ खुद अंदर से सीखना है। आत्मा से अच्छा कोई शिक्षक नही है।
ब्रह्मांड की सारी शक्तियां पहले से हमारी हैं वह हम ही हैं,
जो अपनी आंखों पर हाथ रख लेते हैं।और फिर रोते हैं कि कितना अंधकार है।

जब तक खुद पे विश्वास नहीं करते
तब तक भागवान पे विश्वास नहीं कर पाओगे।

 

डर और अधूरी इच्छाएँ
आपके दुखों का कारण है।

 

कभी मत सोचिए की आत्मा के लिए कुछ असंभव है।ऐसा सोचना सबसे बड़ा भी अधर्म है।
अगर कोई पाप है ,तो वह यही है यह कहना कि तुम निर्बल हो या अन्य निर्बल है।

 

बस वही जीते हैं जो
दुसरो के लिए जीते हैं|

 

एक समय में एक काम करो और ऐसा करते समय
अपनी पूरी आत्मा उसमे डाल दो बाकी भूल जाओ।

 

सत्य को हजार तरीकों से बताया जा सकता है,
फिर भी हर एक सत्य ही होगा

 

उस व्यक्ति ने अमरत्व प्राप्त कर लिया है,
जो किसी सांसारिक वस्तु से व्याकुल नही होता।

 

सत्य को हजारों तरीको से बताया जा सकता हैं,
फिर भी सत्य एक ही होगा|

 

ज्ञान स्वयं में वर्तमान है
मनुष्य केवल उसका आविष्कार करता है।

 

उस व्यक्ति ने अमरत्व प्राप्त कर लिया है,
जो किसी सांसारिक वस्तु से व्याकुल नहीं होता।

 

जब तक आप खुद पर विश्वास नहीं करते।
तब तक आप भगवान पर विश्वास नहीं कर सकते।

 

मुझे गर्व है कि मै उस देश  से हूँ| जिसने दुनिया को सहिष्णुता और सार्वभौमिक स्वीकृति का पाठ पढाया|
हम सभी धर्मो को सत्य के रुप मे स्वीकार करते हैं|

 

मस्तिष्क की शक्तियां सूर्य की किरणों की तरह है
जब केन्द्रित होती चमक उठती है।

 

कभी भी बड़ी योजना का हिसाब मत लगाओ, धीरे धीर शुरू करें,
अपनी ज़मीन बनाये और धीरे धीरे उसे बढ़ाएं।

 

विश्व एक व्यायामशाला है।
जहां हम खुद को मजबूत बनाने के लिए आते हैं।

 

संभव की सीमा जानने का केवल एक ही उपाय  है
असंभव के आगे निकल जाना||

 

दिल और दिमाग के टकराव में
हमेशा दिल की सुनो

 

हम जितना अधिक किसी भी व्यक्ति की मदद करेंगे, हमारा ह्रदय उतना ही शुद्ध होगा।
और परमात्मा उसमे बसेंगे।

 

हम वही है जो हम ने सोचा, हम जो भी सोचेंगे वही बन जायेगे,
बिना सोच के ईश्वर तक पहुंचना नामुमकिन है।

 

मजबूती में जीवन है और
कमजोरी में हार।

 

बाहरी स्वभाव केवल अंदरूनी
स्वाभव का बड़ा रूप हैं।

तुम्हे कोई दबा नहीं सकता,
खुद को कमजोर समझना ही सबसे बडा पाप है||

 

भगवान की एक परम प्रिय के रूप में पूजा की जानी चाहिए।
इस या अगले जीवन की सभी चीजों से बढ़कर

 

हम भगवान को खोजने कहां जा सकते हैं भला ,
अगर उसे अपने ह्रदय और हर जीवित प्राणी में नहीं देख सकते।

 

जितना ही हम दुसरो के लिए अच्छा करते हैं उतना ही
हमारा ह्रदय पवित्र हो जाता हैं और भगवान उसमे निवास करते हैं||

 

जब तक आप खुद पे विश्वास नहीं करते,
तब तक आप भागवान पे विश्वास नहीं कर सकते।

 

ज्ञान स्वयं में वर्तमान हैं,
मनुष्य केवल उसका अविष्कार हैं।

 

सत्य को कई तरीकों से बताया जा सकता है
फिर भी हर एक सत्य ही होगा।

 

इच्छा, अज्ञानता और असमानता-
यह बंधन की त्रिमूर्ति है।

 

जब तक जीना है तब तक सीखना
अनुभव ही जगत में सर्वश्रेष्ठ शिक्षक है।

 

जब तक आपके सामने कोई समस्या ना आये,
आप सुनिश्चित हो सकते हैं कि आप गलत मार्ग पर चल रहे हैं।

 

भला हम भगवान को खोजने कहाँ जा सकते हैं।
अगर उसे अपने हृदय और हर एक जीवित प्राणी में नहीं देख सकते

 

पवित्रता धैर्य और उद्यम
के तीनों गुणों में एक साथ चाहता हूं।

 

जीवन में चिंतन करो, चिंता नहीं,
नए विचारों को जन्म दो।

 

शक्ति जीवन है, निर्बलता मृत्यु है। विस्तार जीवन है,
संकुचन मृत्यु है। प्रेम जीवन है, द्वेष मृत्यु है।

 

एक समय में काम करो और ऐसा करते समय
अपनी पूरी आत्मा उसमें डाल दो और बाकी समय सब कुछ भूल जाओ

 

मनुष्य की सेवा ही
भगवान की सेवा है।

 

आपका जितना बड़ा संघर्ष होगा,
उतनी बड़ी आपकी जीत भी होगी।

 

सत्य को हजारों तरीको से बताया जा सकता हैं,
फिर भी हर एक सत्य होगा।

 

जो व्यक्ति गरीबों और असहाय के लिए रोता है,
वही महान आत्मा है अन्यथा वो दुरात्मा है।

 

किसी दिन, जब आपके सामने कोई समस्या ना आये,
आप सुनिश्चित हो सकते हैं कि आप गलत मार्ग पर चल रहे हैं

 

किसी की निंदा न करे, यदि आप मदद के लिए हाथ बढ़ा सकते है तो जरूर बढ़ाये।
अगर नही बढ़ा सकते , तो अपने हाथ जोड़िए।अपने भाइयों को आशीर्वाद दिजिये। और उन्हें अपने मार्ग में जाने दीजिये।

 

कही ठोकरें खाने के बाद ही
एक अच्छे चरित्र का निर्माण होता है।

 

विनम्र बनो, साहसी बनो,
शक्तिशाली बनो।

 

किसी की निंदा ना करें अगर किसी की
मदद कर सकते हो तो करो नहीं तो अपने हाथ जोड़िये।

 

पहले हर अच्छी बात का मजाक होता है,
फिर विरोध होता है और अंत में उसे स्वीकारा जाता है।

 

सत्य को हजारों तरीको से बताया जा सकता हैं,
फिर भी हर एक सत्य होगा।

 

धन्य हैं वो लोग, जिनके शरीर
दूसरों की सेवा करने में नष्ट हो जाते हैं

 

विनम्र बनो,
साहसी बनो, शक्तिशाली बनो।

 

एक समय में एक काम करो, और ऐसा करते समय अपनी
पूरी आत्मा उसमे डाल दो और बाकी सब कुछ भूल जाओ।

 

एक अच्छे चरित्र का निर्माण
हज़ारो बार ठोकर खाने के बाद होता हैं।

 

बाहरी स्वभाव केवल
अंदरूनी स्वभाव का बड़ा रूप है

 

मन की शक्ति सूरज की किरणों की तरह होती है,
जब वे केंद्रित होती हैं तो वे चमक उठती हैं।

 

जो अग्नि हमे गर्मी देती हैं।
वह हमें नष्ट भी कर सकती हैं। यह गर्मी का दोष नही है।

 

 

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